जरूरी है
आंखों को आंसू का,
जख्मों को मरहम का।
बचपन में मस्ती का,
जवानी में मोहब्बत का।
भगवान का मंदिर में,
मां का दिल में।
पिता का साथ,
भाई-बहन का प्यार।
इंसान को इंसानियत का,
दरिंदों को कालकोठरी का।
मुसाफिर को मंजिल का,
हमसफर को किसी के साथ का।
बूढ़े मां-बाप को अपने बच्चों का,
धरती को समंदर का।
एक साधारण से निधन का,
चिता को आग का।
वक्त को चलने का,
सफर का ना रुकने का।
By— Pradeep Yadav
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