मां
पेट खाली था, काम सारा बाकी था
सबकी अलग-अलग फरमाइशें थी,
और उसने अपनी इच्छाएं भी हमारे लिए मारी थी।
इस गिरती दुनिया में मैंने एक सहारे को देखा है,
इस ना खत्म होने वाली सड़क पे मैनें एक मंज़िल को देखा है।
चारों तरफ अंधेरा था, मैंने इस अंधेरे में एक जलता हुआ दिया देखा है।
एक पवित्र बंधन को देखा है,
हां, मां ही है वो जिसने बिना अपना फायदा देखें बस मुझे प्यार किया है।
By— Pradeep Yadav
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