सिर्फ तुम
अपनी याद में तुमको आज भी सजाए रखा है,
काश वो आए और पूछे की कहा जगह दे रखा है।
उसकी दी निशानियों को चूम कर रखा है,
उसकी याद में दिल को जवां कर रखा है।
किसी शाम वो चाय पे तो आए,
ख्यालों में इश्क और झूठा ग्लास सजा कर रखा है।
मोहब्बत तो खामोशी से ही हो गई थी,
मगर ये ख्वाब है जो हमेशा चीखता रहा है।
By— Pradeep Yadav
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