covid19— ईद
जब देश में महामारी फैली,
फिर वो ईद, ईद न रह गई।
रात में तन्हा चांद का दीदार तो हो जाएगा,
मगर मुबारकबाद देने को कोई न आएगा।
सुबह उठकर जल्दी तैयार तो हो जाओगे,
गले लगा कर मुबारकबाद किसे दे पाओगे।
नमाज़ तो हम पढ़ लेंगे चारो ओर खुशियो की रहमत हो खुदा से मांग लेंगे,
अगर इंसान ही खुद का भला न चाहेगा तो हम क्या कर लेंगे।
हम अपने घर के छांव तले गुजारेगे,
कईयों की कड़ी धूप में गुजरेगी।
चांद के मौके पे घर के बाहर मत चले जाना,
शहर में ईद से पहले बादल के घेरे है।
खाने को तरह-तरह के पकवान होंगे पर मेहमान की घर में भीड़ न होगी,
फिर ईद वो ईद न होगी।
दुनिया बदल रही है बदल जाएगी,
ये मुश्किल घड़ी भी जल्द ही निकल जाएगी।
साथ हो अगर उम्मीद और हौसला,
तो फिर वही खुशियां वहीं ईद होगी।
By— Pradeep Yadav
Amazing ✍️👌
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