न शर्म है, न हया है, न गैरत बाकी है इंसानों में,
मोहब्बत करते थे पहले लोग क्या खूब,
अब तो जिस्म भी खिलौना बना बिक रहा है बाजारों में।।


                             By— Pradeep Yadav

Comments

Popular Posts