मोहताज

खयालों में भी रोती होगी जब वो मेरे नाम की आहे भर्ती होगी,
खुदा से भी दुआ करती होगी कि कर लु याद उसको रोती होगी।
मै हाल-ऎ-दिल सब से छुपा रहा हूं,
प्यार उससे कितना करता हूं किसी को नहीं बता रहा हूं।
नजरें बयां करें तो जुबां से इंकार कर रहा हूं,
मोहब्बत वक़्त की मोहताज नहीं होती ये बतला रहा हूं।


                                            By— Pradeep Yadav

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