आखिरी मुलाकात
मिलने की चाहत हमने दिल में जला रखी है,
तुम आओगी मुझसे मिलने कभी इस लिए दिल में आग लग रखी है।
तुमसे आखरी बार मिलने की हर सजा मंजूर है मुझे,
तुम आना मोहब्बत लें के मैं बाहों को खोल कर रखा हूं।
इश्क तेरे साथ पहले भी था और अभी है,
इस बात का कोई सबूत तो नहीं पर मैंने मिलने के बाद कुछ सोच रखा हैं।
By— Pradeep Yadav
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