जान चुका~

हर कोई पानी मांगता है अपने जीने मरने के लिए,
आगही दे दूं की जी लो सब जी रहे मरने के लिए।

मैंने ही उतारे है गम के खंजर सारे अपनों के लिए,
जान चुका जिंदगी क्या और मुश्किलें मरने के लिए।


                                         By~ Pradeep Yadav


aagahii
आगहीآگہی
awareness
ज्ञान, जानकारी, समझ-बूझ, चेतना, सूचना
‘आगाही' का लघु, रूप ज्ञान, | जानकारी, सूचना, इत्तिलाअ, परिचय, पहचान।

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