जान लो~
जब तुम्हारी मुस्कान पे नहीं मुस्कुराए तो जान लो दर्द कितना है,
रोते थे चोट लगने पर जो चोट ना लगने पे रोए है तो जान लो दर्द कितना है,
कभी मदद भरी आखों से पिए थे जाम तेरे साथ ज़िंदगी के रास्तों को तै करते हुए,
अब जो यादों के नशे में बिखरे है तो जान लो जिंदा रहना कैसा है।
By~ Pradeep Yadav
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