वो स्त्री थी~
हिचक-हिचक कर रोई थी,
मेहनत कर के वो सोई थी,
अपनों के लिए निर्मोही थी,
सबको खिला वो सिरोही थी।।
ऊंची अटारी में खोई थी,
सबके स्वप्न वो सजोई थी,
बेटी थी मां फिर जोई थी,
नर के होते भी वो लोई थी।।
By~ Pradeep Yadav
सोई;
वह जमीन या गड्ढा जहाँ बाढ़ या नदी का पानी रुका रह जाता है और जिसमें अगहनी धान की फसल रोपी जाती है
निर्मोही;
विशेषण-
अनुराग न रखनेवाला, निर्दय।
सिरोही [संज्ञा स्त्रीलिंग]~ तलवार
एक स्थान जहाँ की बनी हुई तलवार बहुत ही लचीली और बढ़िया होती है।
अटारी;
संज्ञा स्त्रीलिंग
घर के ऊपर वाला कमरा; कोठा।
दो या अधिक मंज़िलों वाला मकान; अट्टालिका।
जोई;
पत्नी
नर;
संस्कृत ; संज्ञा पुल्लिंग
पुरुष; मर्द
लोई;
संज्ञा स्त्रीलिंग
एक प्रकार का हलका ऊनी कंबल
रोटी बेलने के लिए बनाया हुआ आटे का पेड़ा।
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