सब जानता है~
वो हर इक बोली सी सूरत के पीछे का दर्द जनता है,
खुबसूरत से ऐलान के पीछे का कड़वा सच जनता है।
मज़कूरा आशिक़ी में आशिक़ अपना भला जनता है,
सूरज खुदा जनता है मशरिक़ अपना सफ़र जनता है।
चमकता हुनर सब कुछ समंदर का क्या जानता है,
उजाला है कैसा ये केवल शम्स-ओ-क़मर जनता है।
खुदा है जो नाख़ुदा की मंज़िल का अंजाम जनता है,
उसकी बातें कौन जाने जो खुदा है वही सब जानता है।
mazkuura;
मज़कूराمذکورہ
related, mentioned
अ. वि.—कही हुई, कही हुई बात।
mashriq
मशरिक़ مَشْرِق
Arabic ; Noun, Masculine
the east, the orient, the east, the place of the rising the sun
shams-o-qamar
शम्स-ओ-क़मर شمس و قمر
The Sun & the moon
naaKHudaa
नाख़ुदा ناخدا
boatman, sailor, the master or commander of a ship
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