Meri kahani
मत पूछना कहानी मेरी, भुला लूंगा मै,...
की मत पूछना कहानी मेरी, भुला लूंगा मैं।
कितना हस्ता-खेलता हुआ चेहरा है आपका,
खामखां रुला दूंगा मै।
वो कहती थी मैं शायरी लिखता हूं,
वो क्या जाने मै उसका दिया हुआ दर्द बयां करता हूं।
खुश हूं नहीं पर दिखाना पड़ता है,
जिंदगी को भी थोड़ा बनावटी बनाना पड़ता है।
ख्वाइश कर दी थी तो कौन सा गुनाह कर दिया,
कि तेरी ख्वाहिश कर दी थी तो कौन सा गुनाह कर दिया,...
लोग तो भगवान से सारा जहां कदमों में मांग लेते हैं,
हमने तो सिर्फ चाहा, तो कौन सा पाप कर दिया।
by— Pradeep Yadav
Nice 👌
ReplyDeleteFabulous 👌👌
ReplyDelete