दूसरे की मोहब्बत
दुश्मनी हो जाती है मुफ्त में सैकड़ों से साहब,
क्या मै दूसरे की मोहब्बत से मोहब्बत कर बैठूं
तो ये गुनाह है?
मुझे चाहिए कोई मेरे जैसा किसी बेहतर से मेरी बनती नहीं,
तो मेरे हिस्से में क्या सिर्फ सजा है?
By— Pradeep Yadav
Offo🔥🔥
ReplyDeleteYou are genius ♥️🙏
ReplyDelete