बेवफ़ाई

                     सच बताना!!
    ये दिल्लगी की अदा किसने तुम्हें सिखाएं थी?
इश्क तो हमसे सीखा था, ये बेवफाई किसने सिखाई थी?
        तेरे इश्क में बदनाम मै जरूर हो गया,
तुमने नहीं अपनाया तो क्या यहां बाकियों ने ही इतना प्यार                  दिया तो क्यों रखें तेरी बेवफाई का हिसाब।
    जिंदगी दौर बदलती गई... ज़ख्म दर ज़ख्म,
      एक तरफा मोहब्बत के घाव ताजा रहे।
इश्क में मैंने, बस इतनी शोहरत जरूर हासिल कर ली,
          तेरे आने-जाने पे लोग कहते हैं,...
        वो देख! प्रदीप की मोहब्बत आई है।
     तुम्हारे जीवन में मेरा छोटा सा किरदार है,
 तुम्हारी ज़िद जीत गई और मेरा रिश्ता हार गया।


                                      By— Pradeep Yadav

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