प्यार: एक ख़्वाब

प्यार था, हो गया
ख़्वाब था, टूट गया
हाल बेहाल था, सुधर गया
तेरे इश्क में डूबा, फरिश्ता हो गया,
ना जाने कैसे मेरे साथ ये करिश्मा हो गया।।
यार था, रूठ गया
मौन था, टूट गया
साथ था, छूट गया
वो वादा था जो टूट गया
उड़ान आसमानों की भरने निकला था,
लड़ते-लड़ते तूफानों से, खुद आफताब हो गया।।
ख्वाब थे मर गए
घाव थे भर गए
प्यार था, निकल गया
वो इंसान था जो बदल गया,
ये हुस्न की सुंदरता, ये शबाब ये उम्र,
सब वक़्त खा गया, मै बूढ़ा हो गया।।
ख्वाब थे मर गए
घाव थे भर गए
प्यार था, निकल गया
वो इंसान था जो बदल गया,
उसे शौक दीवानगी का न था फिर भी,
वो शाम को घर ना लौटा, खुद रात हो गया।।
वक़्त था, गुजर गया
वादा था, टूट गया
इंसान था, बदल गया,
हाल अब मेरा ना पूछो,
जीवन का हर ख्वाब अब पूरा होगा।


                                     By— Pradeep Yadav

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