हुआ करती थी कभी रात और उसका मैं दिन,
अब ज़हर है हम दोनों की ख़ामोशी सारी रात।
ना जाने किसने पहना है 'प्रदीप' का पैकर अब,
बारिश में क्या सोच के उठाया कि गुजरेगी रात।
paikar
पैकर پَیکَر
Persian ; Noun, Masculine
body, physique, form, figure appearance, face, countenance
Comments
Post a Comment