अपनी ओर—
मन रफ्तार से भागता रहा हमेशा उसकी ओर,
उस-से जुदा नहीं हूं और ना ही हूं उस-से दूर।
इन हवाओं ने फिर मेरा रुख मोड़ा उर्दू की ओर,
हिन्दोस्ताँ में रहते है हिंदू सब एक दूसरे से दूर।
तश्कील कर रहे थे हिंदुस्तानियों को एक ओर,
सुकून महसूस कर रहे थे कुछ विलायती दूर।
जला कर जज़्बातों को चले पीर-ए-मुग़ाँ की ओर,
दोबारा पलक झपकते साथ पलक झपकते दूर।
By— Pradeep Yadav
tashkiil;
तश्कील تَشْکِیل
Arabic ; Noun, Feminine, Singular
shaping, molding, making building, formation, forming
piir-e-muGaa.n;
पीर-ए-मुग़ाँ پیرِ مُغاں
Persian ; Noun, Masculine
a tavern keeper, chief of fire, worshippers
Religious head of fire worshipers, tavern keeper, spiritual guide, mystic master
Comments
Post a Comment