इज़हार किया~
इक रात तिरे करके सारी रात ए'तिबार किया,
तमाम रातों को मैंने वादों पे इंतिज़ार किया।
तमाम रातों को मैंने वादों पे इंतिज़ार किया।
दूर के थे जो रास्ते ख़ामोश से भरे तेरे बिना,
उन रास्तों को मैंने ख़्वाबों में आब-दार किया।
मैं शाइ'र था और मैंने आश्कार प्यार किया,
किसी तरह चाहतों का अपने इज़हार किया।
दिल के उठे शोर से लहजे को तलवार किया,
पहली मर्तबा शब्दों का न कोई कारोबार किया।
काग़ज़ के पन्नों पे है कई बार के वार मगर,
पहली बार मैंने फूलों को गुलज़ार किया।
होने के एहसास से बनने लगते है ख़्वाब मेरे,
उनकी आदतों से मैंने खुदको बे-क़रार किया।
By— Pradeep Yadav
ए'तिबार;
Confidence, trust, faith, belief, credibility, weight, importance
आब-दार;
brilliant, polished
उज्जवल/चमकदार
लहजे;
tone, voice, modulation
आश्कार;
Persian ; Adjective
apparent, visible, manifest, disclosed, clear, plain, open, public, known, revealed, evident
openly
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