दिल 💔
दिल से कहीं बातें दिल में ही रेह गई,
उसकी कुछ तस्वीरें नज़ारे बन के रह गई।
पहले जिन्हें देखने को आंखे तरसा करती थी,
आज वो वादों से मुकर गई।
फिर जो छुपी वो नज़रे थी हमारी,
जब मिली मांग में सिंदूर के साथ,
तो आंखें नम थी हमारी।
ख्वाहिश तो मेरी भी थी साथ चलने की,
पर कमबख्त ये इश्क़ हो गया,
और वजह मिल गई दिल दुखाने कि।
By— Pradeep Yadav
Comments
Post a Comment