जख्म।

देखो ना मोहब्बत मुझसे मिलने आई है,
कुछ जख्म भी बाकी रह गया था लगता है वही देने आई है।
जाने क्यों मरहम की जगह जख्म खरीदते हैं लोग।
जाने क्यों लोग जख्म कुरेदा करते हैं?
फिर उसे खुला छोड़ा करते हैं, दुखते हैं तो रोया करते हैं...
नजर आते ही जख्म फिर छुपा लिया करते हैं।
जाने क्यों मरहम की जगह जख्म खरीदा करते हैं?


                                           By— Pradeep Yadav

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