ना कर सका 😶

मोहब्बत थी फिर भी कर ना सका...
परवाह थी फिर भी कर ना सका...
वक्त था फिर भी दे ना सका...
दर्द था फिर भी बता ना सका...
आंखों के सामने नशा था फिर भी कर ना सका...
तेरी ही बाहों में सकून था फिर भी पा ना सका।

अरे...!

फरेब बोलती थी मेरे प्यार को,
कभी वफ़ा भी देख लिया होता!!
रब जानता है मेरे इश्क को,
इसे हवस बता कर,
यूं बदनाम ना किया होता।

शायद आज मै तेरे साथ होता।।

                           By— Pradeep Yadav

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