तारीफे
हर शब्द में हजारों एहसास बयां करते हैं,
शायर भी क्या खूब कमाल करते हैं।
अरे, सुनते तो जाओ शायरी...
उसकी तारीफ में हम हर बार नई हदें पार कर देते हैं।
ना कोई गुलाब चाहिए, ना कोई शबाब चाहिए,हमें तो प्यार वाला, एक कप चाय का ग्लास चाहिए।
ना कोई कमल चाहिए, ना कोई इज़हार चाहिए,
एक बार आंखों से आंखों की टकरार चाहिए।
ना कोई दर्द चाहिए, ना कोई हमदर्द चाहिए,
हमें तो एक हाथ में दूसरा हाथ चाहिए।
By— Pradeep Yadav
Beautiful 🖤💫
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