एक खत लिखा,... जिसमें हम साथ है।।

कुछ बातें और कुछ यादें हैं तेरी,
साथ कभी न छूटे ये कहानी में है मेरी।

बीते हुए लम्हों की कहानी लिखूगा मै,
साथ के और बाद के ख्वाब कहूंगा मै।

अपने आप सही और गलत तय कर लेना,
तुमको देख भीड़ में भी अपना कहूंगा मै।

तुम मेरे साथ को नजरअंदाज कर देना,
किस्से बढ़े की अच्छा होगा मुझसे ना टकराना।

है पूर्ण रूप से बहुमूल्य हर आशु सबके,
मैं साथ पाने को बहाया और रिश्तो में दरार पाया सबके।

धुंधली होती अपनी मुस्कुराहट से प्यार बहुत है,
पर मिट गई उसके साथ को अब इसका कोई मोल नहीं है।

है जरूरी हर सोचा और देखा हुआ सपना अपना,
पर हर साथी के लिए उसका कोई महत्व नहीं है।



                          By— Pradeep Yadav


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