हो गए~

आँखों से छलकते जाम हो गए

तेरे प्यार में हम ग़ुलाम हो गए

हर रात तिरी याद में गुज़री

हम दिन के भी अब शाम हो गए

दिल की बातें किसी से न कह सके

ख़्वाबों के तिरे गुलफ़ाम हो गए

मोहब्बत की राह में मिले जो ग़म

उन ग़मों के हम आराम हो गए

तू जो मिला, जिन्दगी मिली हमें

तेरे बिना हम बेकाम हो गए

तेरी हँसी में छुपे राज़ सारे

उस हँसी के हम नाम हो गए

तेरे बिना ये चाँद भी सूना

सितारों के भी आराम हो गए

दिल की किताब में तेरा ही ज़िक्र

तेरी यादों के बीराम हो गए

मिल के तुझसे ये जाना हमने

सच्चे इश्क़ के पैगाम हो गए

तेरे बिन हर ख़ुशी अधूरी

तेरी चाहत में बेआम हो गए

तेरे ख़याल से ही रौशन है

हम जो भी थे, तेरे दाम हो गए



- प्रदीप यादव



गुलफ़ाम~

गुलाब के फूल के रंग का, फूल के समान रंग वाला, गुलाब जैसा रंगीन, (लाक्षणिक) बहुत सुंदर, सुकुमार, हसीन, प्रिय

फूल के रंग का, ख़ूबसूरत, सुंदर।


बीराम~

बीमार, रोगी

From Blogger iPhone client

Comments

Popular Posts