जीवन को सजाती हैं~

ज़मीन पर चांदनी की किरनें जगमगाती हैं,
सितारों से अंधेरी हर शाम सजाती हैं।
चांदनी में ढलती है हमारी यादें पुरानी,
आवाज़ लगाकर तुम्हें, जीवन को सजाती हैं॥

ख्वाबों की महफ़िल में रंगीन सितारे चमकते हैं,
किस्से सुनाकर, दिल से भरपूर आज़माती हैं।
कहानियाँ बन जाती हैं उन लम्हों की,
दिल में उठते सवालों से, जीवन को सजाती हैं॥

मोहब्बत के आसीर हैं हम उसी के जाल में,
दिल की आवाज़ में, आँखों में समाल में।
तुमसे जुड़ी हर घड़ी हैं ख़ूबसूरत,
दिल में बस जाती हैं, जीवन को सजाती हैं॥

दिलबर की याद में तड़पता है ये दिल,
सफ़र में है हमसफ़र, राहों में उलझा है दिल।
यादों की बारिश में खोया जाता है,
दिल को छूकर स्पर्श, जीवन को सजाती हैं।

मौसम की रुत बदलती हैं, दिल की धड़कन भी बदलती हैं,
यादों की बौछार में खोया जाता हैं, दिल की मंज़र बदलती हैं।
हवाएँ भी गयी गुज़री ख्यालों के साथ,
दिल में उठती है, जीवन को सजाती है।

ग़ज़ल के हर बैत में है समानता,
काफ़िया से जुड़ी है हर पंक्ति की वांटा।
रंगीन भरपूर है हर शब्द की खूबसूरती,
ग़ज़ल को सजाती है, जीवन को सजाती है।


                                                       By— प्रदीप यादव 

Comments

  1. Adhbhut rachna ...bhawanaon se umadti hui .....kuch unki yaadein...kuch bikhare hue hum...🤭
    Mohbbat ke aasir hain hum..usi ke jaal mein...
    Dil ki Aawaz mein...aankhon mein..samaal mein...
    Tumse Judi har ghadi khubsurat hain..
    Dil mein bas jati hai..jeevan sajati hai...😌❤️🌼

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