कसक~

इक नए दौर में आ कर पुराना भूल जाना,
पुराना वो लड़का भूल जाना ये कैसा इश्क़ है, 
ये कैसा इश्क़ है।

इक बहाने से मौका दे कर फिर मुकर जाना,
बोलकर ये अकड़ में जीना खुद के लिए,
आज़मा के भूलना था मुश्किल गम थे इश्क़ में,
ये कैसा इश्क़ है, ये कैसा इश्क़।

इक लड़का जो झुक कर रहता हो इस ज़माने में,
वो लड़का जूता पहनाएं तो वो इश्क़ है,
ये कैसा इश्क़।

इक मोहब्बत की बीमारी लिए जीत जाना,
संयम में रह कर मात खा जाना इश्क़ में,
फिर गम जताने के बाद कैसा ये इश्क़ है,
ये कैसा इश्क़ है, ये कैसा इश्क़ है।

इक प्यार को पाने के लिए हद से गुज़र जाना,
कसक में फिर नया प्रेमी चाहना ये कैसा इश्क़ है,
ये कैसा इश्क़।


                                   By~ Pradeep yadav



कसक;
Sanskrit ; Noun, Feminine
pain, affliction, pang, regret


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