दुनिया~ एक राक्षस
एक स्वर्ग है जहां हम है और एक स्वर्ग है जहां हमें जाना है,
एक रावण है जिसका वध राम भगवान ने किया था,
एक हम है जिन्होंने रावण से बत्तर काम किया है,
लोगो ने अपनी गलती को जनन का आरोहण कहा है,
हमनें रावण को जलाने से पहले उसको जन्म दिया है।
इस दुनिया में सबको उम्मीद है उस भगवान से,
जिसने हमारा हमेशा अनेक रूप में साथ दिया था,
यहां बुरा करके लोगो ने भगवान का नाम लिया है,
अपराध का एक नया रूप देकर खुद को संतुलित किया है,
अपनी संस्कृति भुल गए है हम और खुद को देश प्रेमी कहा है।
कोई निर्दोष नहीं है इस धरती पर, गलत काम सबने किया है,
किसी ने भगवान को याद किया, किसी ने बचने को घूस दिया,
कुछ ने तो छाती ठोक के कहा कि हां मैं हूं गलत तो क्या,
और कुछ निर्बलों ने देवताओं से इनका विनाश हो विनती की,
प्रगति और परिवर्तन हो और भगवान से चमत्कार भी।
कहीं देवताओं को पूज रहे और कहीं राक्षसों को पूजा है,
चमत्कार सबने कहानियों में पढ़ा है भगवान का,
पर मैं राक्षसों से भरी दुनिया देख रहा,
देवताओं की आस में बैठे हम ढलते चले जा रहे,
कुछ अच्छा करने की बजाय हम खुद का घर बड़ा बना रहे।
By~ Pradeep Yadav
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