दरकार है

तुम लौट आओ,
अब पहले की कोई बात नहीं होगी।
कुछ देर का अंधेरा था,
अब उजाले की दरकार रहेगी।
बस इतना भी समय ना लगा देना,
कि मेरा जनाजा निकल जाए,
और तुम्हें पछताते एक दिन जैसे सारी उम्र लगेगी।


                  By— Pradeep Yadav

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