आलसी

दूर से ही बस समंदर समंदर लगता है,
कदम बढ़ा कर देखो समंदर भी प्यास के आगे छोटा लगता है।
राह में मुश्किल आएंगी हज़ार,
एक दिन तुम्हारा भी होगा बड़ा नाम।
हो जाएंगे सपने सारे साकार,
तुम जो चल दो कठिनाइयों के पार।
थके हो तो सुस्ती सी होगी,
भीड़ जब चुनौतियां बन बेज्जती सी महसूस होगी।
हिम्मत न हारना मंजिल करीब होगी,
बेचैनी दिल में और निशाने पर किस्मत होगी,
मेहनत की है तो हर कोशिश ले जाएगी पार।
आलसी होकर जिंदगी बिताई है, तो नींदों को भगाओ,
ख्वाबों को चलाओ, जिंदगी मिली है तो ठहर के फिर दौड़ जाओ।



                             By— Pradeep Yadav

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