सुकून और दर्द का फर्क

हर कोई ही कुछ लिख रहा है,
मैं अपने लिखे में सुकून पा रहा हूं।
दर्द ज़िन्दगी के बहुत है,
तभी तो कई जगह निकल रहा हूं।


                      By— Pradeep Yadav

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