परिचय

आजा तुझसे उसका परिचय कराता हूं,
आज उसकी कुछ तारीफे गिनवाता हूं।

वरना लोग कहेंगे कि कैसा प्यार था,
    जिसमें सिर्फ बुराइयां थी!!!

         कद की ना सही,
      वो सोच की ऊंची थी।
       जिस्म में नहीं मुझे,
     उसकी रुह में रुचि थी।
  उसके चेहरे पर भोलापन था,
 उसकी बातों में मासूमियत थी।
 उसमें कुछ तो बात थी खास,..!!
शायद तभी तो मुझे मिला था उसका साथ।।

                               By— Pradeep yadav

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