मोहब्बत 2🤫

दस्तूर तो यही है इस मोहब्बत का साहब...
     कि मरना तो उसी को पड़ेगा...
        जिसने सच में किया है।
हां!! हां हो गई...किसी और की...वो अब।
मैं? मैंने तो इश्क किया है...मैं कैसे हो जाऊं???
तुम तो कहती थी कि मोहब्बत सच्ची हो तो कोई छोड़कर नहीं जाता...वो जो तुम्हें मुझसे हुआ था...
फिर वो झूठा था क्या???

                          By— Pradeep Yadav

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