सजा सिर्फ मुझे क्यों?

      
हमें लगता था तुम हमसे मोहब्बत करती हो....!!!
लेकिन हमें क्या पता था तुम उस मोहब्बत को गुनाह समझती हो....
        खैर बात तो कुछ यूं है....
       गुनाह तो तुमने भी किया...
     फिर सजा सिर्फ हमें ही क्यू???
   अरे...
           साथ रहना मजबूरी थी मेरी....
         वरना हम भी इतने सस्ते नहीं थे।
     तुझे कोई और पसंद था.....जानता था मैं।
मालूम तो मुझे भी था....की हम साथ में जचते नहीं थे।
     तुम पूछती थी ना कि क्यों खामोश रहते हो?
                          तो सुनो...
       तुम किसी और के साथ मुस्कुराती थी,
        इसलिए हम तेरे साथ हंसते नहीं थे।
        हां, साथ रहना मजबूरी थी मेरी....
        वरना हम भी इतने सस्ते नहीं थे।

                                         By— Pradeep Yadav

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