आज खुद से खफा हूं 😐

दिल तेरा दुख रहा है, दर्द मुझे हो रहा है।
इश्क है बेहद पर, दिल किस्मत पर रो रहा है।
इश्क है या फरेब, अब इसका विश्वास नहीं। 
टूटे हैं कसमें टूटे हैं वादे, शेष अब आस नहीं।
पहले प्यार ने तोड़ा और अब! यार ने,
जब प्यार बेवफा निकला तो यारों की ओर मुड़ा।
       जिन्हें चुना मैंने प्यार से जुदा होकर,
       वह खुद आज मुझसे खफा हो गए।
किसी से की थी मोहब्बत और किसी से दोस्ती,
 देख प्रदीप यादव, आज दोनों बेवफा हो गए।
इस बेजान से सफर में, आंसू बहाने के अलावा,
                कुछ ना बचा आज।
     बचे है तो सिर्फ आधी-अधूरी यादें और
         बार-बार तड़पाने वाले तंग रास्ते।
जो भी आज पता पूछने आता है मेरे दरवाजे पर,
मैं उन्हें प्यार और यार दोनों ना चुनने को कहता हूं।

                                  By— Pradeep Yadav


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