उल्फ़त~

बक रहा हूँ जुनूँ में क्या क्या कुछ तुम्हारे,
जफ़ा से रस्म-ए-मोहब्बत निभा रही हो।

हक़ीक़त-ए-ग़म-ए-उल्फ़त छुपा रही हो,
सुनी हुई तुम मुझको नफ़हात सुना रही हो।

त'अज्जुब की चादर ओढ़कर बैठा हूं मैं,
गर्द-ए-ग़म चादर रुजू'आत हटा रही हो।

शिकस्ता-दिल की महफ़िलों से उक्ता गया हूँ,
ख़बर नहीं तुम क्या तिलिस्म चला रही हो।

बस रहा हूँ मैं बेखुदी में तुम्हारे साथ अब,
कैसे तुम धडकनों की राहत सुना रही हो।

तेरे इश्क़ में जलता हूँ रात दिन ग़म्माज़ ही,
अपनी रूह से मुझमें उज़्लत मिला रही हो।

राह-ए-वफ़ा में हर कदम पहले बढ़ा रही हो,
मुलायम हाथों से मिरे लज़्ज़त बढ़ा रही हो।

शान-ए-तकल्लुफ़ है मेरी उरूस-ए-नौ कैसे,
कैसी है ये उल्फत जिसमे हर दिन डूबा रही हो।


                                                             By— प्रदीप यादव 




हक़ीक़त-ए-ग़म-ए-उल्फ़त~Truth; reality; essence of sorrow of love

ताक़-ए-जाँ~ niche of life

जफ़ा~ सितम, ज़ुल्म, ज़्यादती धर्म द्वारा सिद्धांत का उल्लंघन

नफ़हात~
नफ़ाह का बहु., खुशबूएँ, सुगंध

शान-ए-तकल्लुफ़~ honour/beauty of formality

रुजू'आत~ वैद्यकीय सलाह, ईलाज

उक्ता~ ऊबा हुआ

शिकस्ता-दिल~ टूटा हुआ दिल, हताश, नाउम्मीद, भग्नहृदय, दुःखी

तिलिस्म~ magic 

ग़म्माज़~ आँख के इशारे से चुग़ली खानेवाला दोष ढूँढ़ने वाला, भेद खोलने वाला, पिशुन, चुग़ल, गुप्तचर, जासूस ताना देने वाला, निंदा करने वाला, अपवादक, निंदक

उज़्लत~ बाल-बच्चों से विरक्त होकर ईश्वर-स्मरण में लगना, एकान्तवास करना, एकान्त, तन्हाई, गोशा नशीनी

लज़्ज़त~ खाने-पीने की वस्तुओं का स्वाद, जायका, स्वाद, मज़ा, आनंदमय, मनोविनोद, सुख

निगार-ख़ाना~ चित्रालय, तस्वीर-घर, सजा हुआ मकान

शान-ए-तकल्लुफ़~ honour/beauty of formality

उरूस-ए-नौ~ नई नवेली दुल्हन

Comments

  1. It feels like a great nazm, filled with emotions of love and compile numerous amazing words...❣️

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