तेरा-मेरा~

देख उन्हें यूं रौसन हुआ क़िर्तास साफ मेरा,
चश्म-ओ-दिल-ए-आशिक़ में रहा प्यार मेरा।

कैसे आते करीब तो बन गया मुस्तशार तेरा,
शायद ऐसे ही दे बैठा उनको मुस्तआ'र मेरा।

नसीब है की बड़े हुए नहीं अब तक हम दोनो,
जलाता रहता है बीतते वक्त के साथ शरार मेरा।

लड़कर रूठ जाते हम कभी-कभी मोहब्बत में,
जो उन पे होता नहीं है राज अब आश्कार मेरा।

जमा हुआ है कितना पलक पे जाने ग़ुबार तेरा,
रंजीदा हुआ टूटकर हर दफा दिल हजार मेरा।

कितनों के रास्ते पे नज़र और कैसे जमाए रखूं,
मेरे दिल पे तेरे दिल पे कुछ तो है इख़्तियार मेरा।

कल तक 'प्रदीप' में आज क्या है ख़ुम्मार तेरा,
अभी सितारों में हो रहा सफ़र पुर-बहार मेरा।


                                                            ~ प्रदीप यादव




चश्म-ओ-दिल-ए-आशिक़;
eye and heart of lover

क़िर्तास;
मूल : अरबी
काग़ज़, पत्र

मुस्तशार;
मूल : अरबी
जिससे सलाह ली जाय, परामर्शदाता, सलाह ली हुई बात, परामशित, सलाहकार, मश्वरा देने वाला

मुस्तआ'र;
borrowed, taken on loan

रंजीदा;
फ़ारसी ; विशेषण
दुखी, दुखित, संतप्त, ग़मगीन, शोकाकुल, उदास, दुखी, जिसे रंज हो जिसके माथे पर सिलवटे पड़ी हों, खफ़ा, कुपित, क्रुद्ध

शरार;
अरबी ; संज्ञा, पुल्लिंग
जोश, उत्साह, चिंगारी, आग की चिंगारी, पतंगा, स्फुलिंग, अग्नि-स्तोक, शरर

ग़ुबार;
अरबी ; संज्ञा, पुल्लिंग
 गर्द। धूल। पद-गर्द-गुबार हवा में उड़नेवाली धूल और मिट्टी।
 धूल, गर्द, मिट्टी, दुःख, पीड़ा

इख़्तियार;
मूल : अरबी
अधिकारक्षेत्र, अधिकार, सामर्थ्य, अनुमति

पुर-बहार;
Abounding in blooms

आश्कार;
फ़ारसी ; विशेषण
व्यक्त, प्रकट, ज़ाहिर, स्पष्ट, साफ़, राज़ खुल जाना, स्पष्ट होना
खुल्लम-खुल्ला

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