मसअला-ए-ख़ास~

पहली मुलाकात में तोड़ा अहद-ओ-पैमाँ आस का ,
सब कुछ सब्क़त पार हुआ दीदार-ए-आखास सा।

सज्दा-हा-ए-राएगाँ मुझे नहीं पता था ऐसे प्यार का,
खुद के अल्फाजों में तसव्वुर मिला बे-हवास सा।

उन्होंने न विश्व ही का रक्खा और न विश्वास का,
नज़रों से तसरा-तरसा के मार डाला इफ़लास सा।

उनकी तरफ से इरशाद फरमाया गया मज़क सा,
और फिर भर गया मेरा जिस्म सारा इम्सास सा।

हैं अब भी उनके निशाने पे लिए हादसों का दिल,
ना-मुराद डूबा लेकर नुमूद-ए-रंग-ओ-बू स्वास सा।

जरा से जफ़ा पे रो रहे थे सब अपने-अपने की हमें,
रहमत आई गुजारने में उनके साथ वन-वास सा।


                                                          ~ प्रदीप यादव 




अहद-ओ-पैमाँ;
agreement, promise, treaty, pledge

सब्क़त;
surpassing, outstripping, taking the lead
आगे निकल जाना, बढ़ जाना, अव्वल आना, सबसे अधिक नंबर पाना।

आखास;
मूल : हिंदी
आकाश, आसमान, गगन

सज्दा-हा-ए-राएगाँ;
wasted/futile prostrations

तसव्वुर;
Arabic ; Noun, Masculine
imagination, contemplation, reflection, conception

इफ़लास;
मूल : अरबी
ग़रीबी, निर्धनता, धनहीनता, धन की तंगी, दरिद्रता, गरीबी, मुफ़लिसी, कंगाली

इम्सास;
मूल : अरबी
स्पर्श करना, छूना, भर्दन, मसलना।

ना-मुराद;
Unrequited; unfortunate

नुमूद-ए-रंग-ओ-बू;
blooming of color and fragrance

जफ़ा;
Persian ; Noun, Feminine
oppression, injustice, cruelty, violence, injury, hardship tyranny of beloved roughness or rudeness

मसअला-ए-ख़ास;
special, peculiar problem






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