चाहिए ~
मुझे प्यार में रहकर प्यार से कुछ हक चाहिए,
मेहंदी में मेरे नाम की इक महक चाहिए।
मेहंदी में मेरे नाम की इक महक चाहिए।
उनके साथ टिक सकें इस धरती की ज़मी पर,
बस इतनी ही हासिल-ए-उम्र की कसक चाहिए।
मेरी आंखों को अभी से उनकी झलक चाहिए,
हम-सफ़र मिल गई है मुझे बस इक सड़क चाहीए।
कुछ दीवार के हिस्से भी हैं जिनमे लचक चाहिए,
अभी बहुत दूर के हैं ये किस्से जो जान तलक चाहिए।
इन अंधेरों को उजाले के लिए जुगनू की चमक चाहिए,
मुझे तो बस वो मेरा सितारों सा फ़लक चाहिए।
By— Pradeep Yadav
हासिल-ए-उम्र;
gain of life
कसक;
Sanskrit ; Noun, Feminine
pain, affliction, pang, regret
फ़लक;
Arabic,Sanskrit ; Noun, Masculine, Singular
fortune, fate, sky, heaven, firmament, a wood with holes pierced and tied high, put the feet of the criminal in it and hang it upside down and flogged
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