जब वादे करूंगा
जब वादे करूंगा, निभा कर दिखाऊंगा,
तेरे हर ग़म को मिटा कर दिखाऊंगा।
जो चाहूंगा तुझको मुक़द्दर बनाकर,
जहाँ से तुझे मैं चुरा कर दिखाऊंगा।
कसम है मुझे अपनी जानिब वफ़ा की,
तेरा नाम दिल पे लिखा कर दिखाऊंगा।
ख़ुदा भी जो तुझसे जुदा कर सके ना,
मैं तक़दीर ख़ुद ही बना कर दिखाऊंगा।
अगर राह में कोई मुश्किल भी आए,
तो दरिया को रस्ता बना कर दिखाऊंगा।
तेरी आरज़ू में जो जलता रहा हूँ,
इसे एक शोला बना कर दिखाऊंगा।
मेरे प्यार पर गर तुझे शक़ हुआ तो,
मैं इतिहास तेरा बना कर दिखाऊंगा।
- प्रदीप यादव
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