सफ़र खोज लिए~
दूर से ही हर सफ़र मैंने कितने सुहाने देख लिए,
दाख़िल हुए नहीं की कितने फासले खोज लिए।
साँस की हर सफ़र को मारूज़ात देनी पड़ती है,
की ज़िंदगी संवारने के लिए ज़िंदगी खोज लिए।
जो दिया हवादिसात ज़रूरी था उस मुस्कान पे,
नफा-नुकसान देखते तो नदामत होते फैसले के लिए।
जो दिया किस्मत ने वो ले लिए बिना शोर किए,
हम मोहब्बत में मोहब्बत से सफ़र खोज लिए।
By— Pradeep Yadav
मारूज़ात;
explanations,expositions
हवादिसात;
accidents,calamities
नदामत;
regret, repentance, shame
लज्जा, पश्चाताप
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