तुलना~
हर रात जो पूनम की अंधेरी रात में सीता नाम से अनजान मैं,
भगवान राम से तुलना नहीं मगर ना ही ये तुलना है किसी प्यार से जहां तुम्हारा स्थान है।
भगवान राम से तुलना नहीं मगर ना ही ये तुलना है किसी प्यार से जहां तुम्हारा स्थान है।
तुम्हारे नैनों में राम नाम के पत्थर सा बहता हूं मैं अभिमान से,
भगवान राम से तुलना नहीं मगर बढ़ गया तुमसे मेरा स्वाभिमान है।
तुम्हारे जिन गालों में खो जाऊं एकमात्र वह नहीं स्थान है,
भगवान राम से तुलना नहीं मगर हां मेरे दिल में तुम्हारा स्थान है।
मेरा ना कोई अशोक सा साम्राज्य है ना ही जन्म से मेरा कोई राज्य है,
भगवान राम से तुलना नहीं मगर हां चौदह से उम्र भर का मंजूर मुझे वनवास है।
ये चेहरा नहीं गुल सा तुम्हारी गोद में गुलशन का स्थान है,
भगवान राम से तुलना नहीं मगर तुम्हारे एहसास के अलावा ना मुझे कोई स्वर्ग का ज्ञान है।
By~ Pradeep Yadav
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