कर बैठा मैं~
छुपाया था मोहब्बत, उसके हुस्न की छवि से स्नेह कर बैठा मैं,
जिससे प्रेम करना था उससे बैर कर बैठा मैं।
बच्चों के जैसे मैं भी, सब ही खिलौनों की जिद्द कर बैठा था,
दुख सहा नहीं जाता और कई यार कर बैठा मैं।
फिर हाथ फेर कलेजे पे, रख दिया खोज कर खंजर मैं भी,
बोला बुरा किया जो क़याम रख कर खैर कर बैठा मैं।
मुतमइन रहता था मैं जब, राज़ गहरे थे इसलिए छुप बैठा मैं,
रुकता कैसे अब जो साया-ए-दीवार कर बैठा मैं।
फिर किया जो सफ़र, शराफ़त देखिए लफ़्ज़-ओ-मा'नी कर बैठा मैं,
एक किरदार ऐसा किया की सबको बीमार कर बैठा मैं।
मेरा इरादा नहीं था, दिल तोड़ने का मगर ये काम भी कर बैठा मैं,
अदब से झूठा परचम-ए-अज़्म-ए-सफ़र दिखा के दुख से जा कर दूर बैठा मैं।
By— Pradeep Yadav
ख़ैर;
good, best, well, safe
कुशल, मंगल, खैरियत, शुभ, श्रेष्ठ, उम्दा, उपकार, भलाई, पुण्य, सवाव, प्रदान, बख्शिश, अव्य, अस्तु।
मुतमइन;
quiet, secure, tranquil, satisfied
साया-ए-दीवार;
shadow of wall
लफ़्ज़-ओ-मा'नी;
word and meaning
परचम-ए-अज़्म-ए-सफ़र;
banner/flag of the intent/determination to travel
अदब;
respect, courtesy, literature
शिष्टता, सभ्यता, तमीज़, आदर सत्कार
हर चीज़ का अंदाज़ा और हद को दृष्टि में रखना, शिष्टता, सभ्यता, तमीज़, आदर, सत्कार, ताज़ीम, साहित्य, कला, लिट्रेचर, बुद्धि, विवेक
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