बढ़ता जा

         लम्हा ये जो आज है, गुजर जाएगा।
मोहब्बत खोजने निकला, तो ये हंसता चेहरा बिखर जाएगा।
ये नजरों का नजराना है, तेरा ही चेहरा सोचने लगा तो,
               तेरे से प्यार हो जाएगा।
          सब कुछ भुला के आगे बढ़ना है,
      जो गलतियां किया उनसे कुछ सीखना है।
   जिंदगी की किताब का, एक पन्ना संवर जाएगा,
         यूं ही चलता जाऊंगा अपनी राह में,
           कारवां अपने आप बन जाएगा।


                               By— Pradeep Yadav

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